शादी, मंदिर, दिवाली, कॉर्पोरेट — हर जगह फूल ही फूल।
बात करेंक्या सजाते हैं
छोटी पूजा हो या बड़ी शादी — फूल भरपूर लाते हैं।
मंडप, स्टेज, द्वार, बारात — सब फूलों से। जैसा सोचा वैसा बनाएंगे।
मंदिर उत्सव, फूल बंगला, अनुष्ठान। फूल चढ़ाना सजावट नहीं, सेवा है।
दिवाली हो, लॉन्च हो, कोई भी आयोजन। उसी लगन से सजाएंगे।
हमारा काम
फूलों की छत — 10,000+ गुलाब
शादी का स्टेज
मंडप सजावट




























गेंदा — शुभ, गर्म, सुनहरा। गुलाब — शान के लिए। रजनीगंधा — खुशबू ऐसी कि पूरा मंडप महके। कमल — पवित्रता का फूल।
ऑर्किड — आधुनिक छुअन। सब लाते हैं, भरपूर लाते हैं।
कहाँ सजाते हैं
अयोध्या में रहते हैं। जहाँ फूलों की ज़रूरत हो, वहाँ पहुँचते हैं।
बताइए क्या चाहिए। फूल हम लाएंगे।